Google E-EAT Kya Hai: 2026 में एक ब्लॉगर के लिए यह क्यों जरूरी है?

Google E-EAT Kya Hai: आज के डिजिटल दौर में अगर आप ब्लॉग, वेबसाइट या किसी भी तरह का ऑनलाइन बिज़नेस चला रहे हैं, तो सिर्फ अच्छा कंटेंट लिखना ही काफी नहीं है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

अब गूगल यह भी जांचता है कि आपका कंटेंट कितना भरोसेमंद है, उसे लिखने वाला व्यक्ति कितना अनुभवी और विशेषज्ञ है, और क्या यूज़र्स उस जानकारी पर भरोसा कर सकते हैं।

इसी को ध्यान में रखते हुए गूगल ने एक बहुत महत्वपूर्ण गाइडलाइन बनाई है, जिसे कहा जाता है Google E-E-A-T (Experience, Expertise, Authoritativeness, Trustworthiness)।

साल 2018 में आए गूगल के बड़े एल्गोरिदम अपडेट, जिसे “Medic Update” भी कहा जाता है, के बाद से E-E-A-T की अहमियत और भी बढ़ गई है।

इस अपडेट के बाद गूगल ने साफ कर दिया कि अब वही वेबसाइट्स और ब्लॉग्स टॉप पर रैंक करेंगे, जिनका कंटेंट न सिर्फ क्वालिटी वाला होगा, बल्कि अनुभव, विशेषज्ञता, विश्वसनीयता और अथॉरिटी के मानकों पर भी खरा उतरेगा।

आज के समय में गूगल पर रैंक करना पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल हो गया है। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपके आर्टिकल सर्च रिजल्ट के पहले पेज पर आएं और ब्लॉगिंग से अच्छी कमाई हो, तो आपको E-E-A-T को समझना और अपनी वेबसाइट पर सही तरीके से लागू करना बेहद जरूरी है।

इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि Google E-E-A-T क्या है, इसके चार मुख्य स्तंभ कौन-कौन से हैं, SEO में इसका क्या महत्व है और आप अपनी वेबसाइट के E-E-A-T स्कोर को कैसे बेहतर बना सकते हैं, ताकि आपका कंटेंट गूगल में तेजी से रैंक करे और यूज़र्स का भरोसा भी जीत सके।

Google E-E-A-T क्या है? (Google E-EAT Kya Hai)

Google E-EAT Kya Hai
Google E-EAT Kya Hai

Google E-E-A-T का पूरा नाम है Experience, Expertise, Authoritativeness और Trustworthiness। यह गूगल की एक महत्वपूर्ण गाइडलाइन है, जिसके आधार पर वह यह तय करता है कि किसी वेबसाइट या ब्लॉग पर दिया गया कंटेंट यूज़र्स के लिए कितना उपयोगी, भरोसेमंद और सही है।

आसान शब्दों में कहें तो गूगल यह जांचता है कि आपकी जानकारी किसी अनुभवी और विशेषज्ञ व्यक्ति द्वारा लिखी गई है या नहीं, और क्या उस पर भरोसा किया जा सकता है।

E-E-A-T का मुख्य उद्देश्य यूज़र्स को Low-Quality, गलत या भ्रामक कंटेंट से बचाना है। गूगल यह भी समझने की कोशिश करता है कि कंटेंट किसी रियल इंसान ने लिखा है या सिर्फ ऑटोमेटेड टूल/रोबोट द्वारा बनाया गया है, और क्या लेखक उस विषय का वास्तविक अनुभव रखता है या नहीं।

हालाँकि तकनीकी रूप से Google E-E-A-T कोई सीधा Ranking Factor नहीं है, लेकिन अगर आपकी वेबसाइट की जानकारी गलत, अधूरी या अविश्वसनीय है, तो यह आपके गूगल SERP में रैंक को जरूर प्रभावित कर सकती है।

E-E-A-T की अवधारणा सबसे पहले गूगल के Search Quality Evaluator Guidelines में सामने आई थी। ये गाइडलाइंस गूगल के एल्गोरिदम का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि गूगल की एक विशेष Human Quality Rater Team के लिए बनाई गई हैं।

यह टीम अलग-अलग कीवर्ड्स पर टॉप रैंक करने वाली वेबसाइट्स का मूल्यांकन करती है और देखती है कि वे Experience, Expertise, Authority और Trustworthiness के मानकों पर कितनी खरी उतरती हैं।

इन Human Raters की रिपोर्ट के आधार पर गूगल के इंजीनियर अपने रैंकिंग एल्गोरिदम को समय-समय पर बेहतर बनाते हैं।

क्योंकि दुनिया और यूज़र्स की ज़रूरतें लगातार बदलती रहती हैं, इसलिए गूगल भी अपने एल्गोरिदम को अपडेट करता रहता है, ताकि सर्च रिज़ल्ट्स में सबसे भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट ही टॉप पर दिखाई दे।

Google E-E-A-T की फुल फॉर्म और यह कैसे काम करता है?

Google E-E-A-T की फुल फॉर्म है – E for Experience (अनुभव), E for Expertise (विशेषज्ञता), A for Authoritativeness (अधिकार) और T for Trustworthiness (भरोसेमंद होना) होता है।

यह गूगल की एक अहम क्वालिटी गाइडलाइन है, जिसके जरिए वह यह जांचता है कि आपकी वेबसाइट या ब्लॉग पर मौजूद कंटेंट कितना उपयोगी, विश्वसनीय और सही है।

गूगल के Search Quality Evaluators इन्हीं चार फैक्टर्स के आधार पर किसी पेज की गुणवत्ता का आकलन करते हैं। आइए, इन चारों स्तंभों को सरल भाषा में समझते हैं।

E – Experience (अनुभव)

Experience का मतलब है कि क्या कंटेंट लिखने वाले के पास उस विषय का वास्तविक और प्रत्यक्ष अनुभव है या नहीं। उदाहरण के तौर पर, कोई यूज़र उस व्यक्ति की रिव्यू पर ज्यादा भरोसा करता है जिसने खुद किसी प्रोडक्ट या सर्विस का इस्तेमाल किया हो। गूगल भी ऐसे कंटेंट को अधिक महत्व देता है, जो असली अनुभव पर आधारित हो।

E – Expertise (विशेषज्ञता)

Expertise का अर्थ है किसी विषय में आपकी जानकारी और दक्षता। आपको उन्हीं टॉपिक्स पर कंटेंट लिखना चाहिए, जिनमें आप सच में नॉलेज रखते हों। साथ ही, यह भी जरूरी है कि आप अपनी विशेषज्ञता को आसान, जानकारीपूर्ण और यूज़र-फ्रेंडली तरीके से प्रस्तुत करें।

आर्टिकल पब्लिश करने से पहले खुद से कुछ सवाल पूछें –

  • क्या मेरा कंटेंट यूज़र्स के सवालों का सही जवाब देता है?
  • क्या यह जानकारीपूर्ण और आकर्षक है?
  • क्या यह यूज़र्स की जरूरतों को पूरा करता है?

इन बातों पर ध्यान देकर आप धीरे-धीरे अपने निच में एक एक्सपर्ट के रूप में पहचान बना सकते हैं।

A – Authoritativeness (अधिकार)

Authoritativeness का मतलब है कि आपके कंटेंट और ब्रांड को आपके फील्ड के दूसरे एक्सपर्ट्स कितना मानते हैं। जब दूसरे विश्वसनीय ब्लॉग्स, वेबसाइट्स और सोशल मीडिया प्रोफाइल आपके कंटेंट को रेफर करते हैं या उसकी सराहना करते हैं, तो आपकी अथॉरिटी बढ़ती है।

इसके लिए जरूरी है कि आपके सभी सोशल मीडिया प्रोफाइल और वेबसाइट पर एक जैसा और प्रोफेशनल बायो हो, ताकि गूगल को आपके ब्रांड की विश्वसनीयता के स्पष्ट संकेत मिलें।

T – Trustworthiness (भरोसेमंद)

Trustworthiness का मतलब है यूज़र्स का आपके कंटेंट और वेबसाइट पर भरोसा। आपकी साइट पर सही जानकारी, सुरक्षित ब्राउज़िंग (HTTPS), स्पष्ट About Us और Contact पेज, और पॉजिटिव यूज़र रिव्यू आपकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।

यदि कहीं से नेगेटिव रिव्यू या फीडबैक मिलता है, तो उसे समय रहते सुधारना बहुत जरूरी है, क्योंकि गूगल के अनुसार बहुत ज्यादा नकारात्मक रिव्यू कम गुणवत्ता का संकेत होते हैं और इससे रैंकिंग पर असर पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, अगर आप चाहते हैं कि आपका ब्लॉग या वेबसाइट गूगल में अच्छी रैंक करे, तो आपको अपने कंटेंट में Experience, Expertise, Authority और Trustworthiness को मजबूत करना होगा। यही Google E-E-A-T का असली उद्देश्य है – यूज़र्स को सही, भरोसेमंद और उच्च-गुणवत्ता की जानकारी देना।

Google E-E-A-T SEO के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

Google E-E-A-T (Experience, Expertise, Authoritativeness और Trustworthiness) दरअसल यह बताता है कि गूगल किस तरह के कंटेंट को High-Quality और भरोसेमंद मानता है।

इसके जरिए गूगल यह तय करता है कि यूज़र्स को कौन-सी वेबसाइट सबसे सही, उपयोगी और विश्वसनीय जानकारी दे रही है। इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपकी वेबसाइट गूगल में टॉप पर रैंक करे, तो अपनी SEO Strategy बनाते समय E-E-A-T के इन चारों स्तंभों पर खास ध्यान देना बेहद जरूरी है।

E-E-A-T का महत्व खासतौर पर उन वेबसाइट्स के लिए और भी बढ़ जाता है, जो YMYL (Your Money Your Life) कैटेगरी में आती हैं। YMYL कंटेंट वह होता है, जो किसी व्यक्ति के पैसे, स्वास्थ्य, सुरक्षा, करियर, कानून, समाज या जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों को प्रभावित कर सकता है।

YMYL कंटेंट में हेल्थ और मेडिकल से जुड़ी जानकारी, फाइनेंस, निवेश और टैक्स, कानून और सरकारी योजनाएं, विश्व समाचार और राजनीति, नस्ल, धर्म, जातीय समूह, लिंग और यौन अभिविन्यास से जुड़े विषय शामिल होते हैं।

इन संवेदनशील विषयों पर अगर गलत, अधूरी या भ्रामक जानकारी दी जाती है, तो इससे न सिर्फ यूज़र्स को नुकसान हो सकता है, बल्कि गूगल आपकी वेबसाइट की E-E-A-T रेटिंग भी कम कर देता है। इसका सीधा असर आपकी रैंकिंग, ट्रैफिक और ऑनलाइन प्रतिष्ठा पर पड़ता है।

इसी वजह से गूगल ऐसे टॉपिक्स पर वही कंटेंट ऊपर दिखाता है, जो अनुभवी, विशेषज्ञ, भरोसेमंद और अथॉरिटी वाले सोर्स से आया हो।

अगर आपकी वेबसाइट E-E-A-T के मानकों पर खरी उतरती है, तो गूगल आपको एक विश्वसनीय स्रोत मानता है और सर्च रिज़ल्ट में बेहतर पोज़िशन देता है।

क्या Google E-E-A-T एक रैंकिंग फैक्टर है?

नहीं, Google E-E-A-T कोई सीधा Ranking Factor नहीं है। गूगल आपकी वेबसाइट या ब्लॉग को रैंक देते समय E-E-A-T के नाम से कोई अलग स्कोर या मेट्रिक नहीं देता।

असल में, E-E-A-T और YMYL ऐसे कॉन्सेप्ट हैं जिनका इस्तेमाल गूगल की Search Quality Evaluator Team अपने रिव्यू प्रोसेस को समझने और गूगल के एल्गोरिदम के उद्देश्यों को आसान भाषा में परिभाषित करने के लिए करती है। ये गाइडलाइंस यह बताती हैं कि गूगल किस तरह के कंटेंट को हाई-क्वालिटी, उपयोगी और भरोसेमंद मानता है।

हालाँकि गूगल सीधे तौर पर E-E-A-T को स्कोरिंग फैक्टर की तरह इस्तेमाल नहीं करता, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि इसका आपकी रैंकिंग पर कोई असर नहीं पड़ता।

अगर आपका कंटेंट अनुभव, विशेषज्ञता, अथॉरिटी और भरोसे के मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो गूगल के एल्गोरिदम ऐसे पेजों को कम महत्व देते हैं, जिससे आपकी SERP पोज़िशन नीचे जा सकती है।

इसलिए कहा जा सकता है कि E-E-A-T खुद में रैंकिंग फैक्टर नहीं है, लेकिन यह उन सभी संकेतों की नींव है जिनके आधार पर गूगल कंटेंट की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को समझता है।

अगर आपकी वेबसाइट इन गाइडलाइंस को फॉलो करती है, तो लॉन्ग टर्म में आपकी रैंकिंग और ऑर्गेनिक ट्रैफिक दोनों बेहतर होते हैं।

Google E-E-A-T SEO को बेहतर कैसे बनाएं?

अब तक आप यह अच्छी तरह समझ चुके होंगे कि Google E-E-A-T क्या है और खासकर YMYL (Your Money Your Life) टॉपिक्स पर काम करने वाले ब्लॉग्स के लिए यह क्यों इतना जरूरी है।

अगर आप चाहते हैं कि आपकी वेबसाइट गूगल में भरोसेमंद बने और टॉप रैंक करे, तो नीचे दिए गए ये 7 तरीके आपके Google E-E-A-T SEO को मजबूत करने में बहुत मदद करेंगे।

  1. हमेशा अपडेटेड और क्वालिटी कंटेंट लिखें

गूगल वही कंटेंट पसंद करता है जो नया, सटीक और यूज़र्स के लिए उपयोगी हो। पुराना और आउटडेटेड कंटेंट अक्सर रैंक खो देता है।

पुराने आर्टिकल को समय-समय पर अपडेट करें, “Last Updated On” की तारीख जरूर दिखाएं, नई जानकारी, आंकड़े और उदाहरण जोड़ते रहें आदि।

  1. ऑथर प्रोफाइल और About Us पेज बनाएं

हर आर्टिकल के साथ लेखक का नाम, फोटो, शॉर्ट बायो और सोशल प्रोफाइल (जैसे LinkedIn) जोड़ें। इसके साथ ही एक मजबूत About Us Page बनाएं जिसमें आपकी वेबसाइट, अनुभव और विशेषज्ञता साफ दिखाई दे। इससे गूगल को आपकी Authority और Trust समझने में मदद मिलती है।

  1. प्रोफेशनल सोशल मीडिया प्रोफाइल तैयार करें

अपने ब्लॉग और सभी लेखकों के प्रोफेशनल सोशल मीडिया अकाउंट बनाएं। उदाहरण: अगर आपका ब्लॉग हेल्थ से जुड़ा है, तो प्रोफाइल पर डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट के रूप में पहचान दिखनी चाहिए। इससे यूज़र्स और गूगल दोनों का भरोसा बढ़ता है।

  1. Trustworthy और Fast Website Design रखें

वेबसाइट पर HTTPS (SSL Certificate) जरूर हो डिज़ाइन क्लीन, मोबाइल फ्रेंडली और फास्ट हो, ज्यादा पॉप-अप और स्पैम ऐड से बचें, एक भरोसेमंद डिजाइन E-E-A-T में Trustworthiness को मजबूत करता है।

  1. Strong Brand Identity बनाएं

यूनिक और वैल्यू देने वाला कंटेंट बनाएं जैसे: ब्लॉग पोस्ट, ई-बुक / व्हाइटपेपर, वीडियो, पॉडकास्ट आदि। जब लोग आपके कंटेंट को बार-बार पढ़ें और शेयर करें, तो आपकी वेबसाइट एक Authority Brand के रूप में स्थापित होती है।

  1. Quora और Forum साइट्स पर जवाब दें

Quora, Reddit, Google Question Hub जैसी वेबसाइट्स पर अपने टॉपिक से जुड़े सवालों के एक्सपर्ट लेवल जवाब दें और जरूरत पड़ने पर अपने आर्टिकल का लिंक शेयर करें। इससे आपकी Expertise और Authority दोनों बढ़ती है।

  1. Relevant और High-Quality Backlinks बनाएं

सिर्फ उन्हीं वेबसाइट्स से बैकलिंक लें जो आपके टॉपिक से संबंधित और भरोसेमंद हों। टॉपिक रिलेटेड और ऑथॉरिटी साइट्स से मिलने वाले बैकलिंक आपके ब्लॉग की Trustworthiness और Rank दोनों को मजबूत करते हैं।

अगर आप इन 7 SEO Tips को सही तरीके से फॉलो करते हैं, तो आपकी वेबसाइट का Google E-E-A-T स्कोर तेजी से बेहतर होगा, जिससे गूगल में रैंकिंग बढ़ेगी जिससे आपकी वेबसाइट्पर ट्रैफिक आएगा और यूज़र्स का भरोसा मजबूत होगा और आपका ब्लॉग एक Authority वेबसाइट बनेगा।

निष्कर्ष – Google E-EAT Kya Hai

इस लेख में आपने विस्तार से जाना कि Google E-E-A-T क्या है, इसकी फुल फॉर्म क्या होती है, यह कैसे काम करता है और SEO के लिए यह क्यों इतना महत्वपूर्ण है।

साथ ही आपने यह भी समझा कि Experience, Expertise, Authoritativeness और Trustworthiness को मजबूत करके आप अपनी वेबसाइट की विश्वसनीयता और गूगल रैंकिंग दोनों को कैसे बेहतर बना सकते हैं।

उम्मीद है कि इस गाइड को ध्यान से पढ़ने के बाद आपको Google E-E-A-T से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी एक ही जगह पर मिल गई होगी और अब आपको इस विषय को समझने के लिए किसी दूसरे ब्लॉग पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

अगर यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित हुई हो, तो इसे अपने दोस्तों और सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें, ताकि वे भी सही SEO रणनीति अपनाकर अपने ब्लॉग और वेबसाइट को ग्रो कर सकें।

ब्लॉगिंग और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन से जुड़ी ऐसी ही भरोसेमंद और लेटेस्ट जानकारी के लिए हमारे ब्लॉग पर नियमित रूप से विज़िट करते रहें।

नमस्कार दोस्तों! मेरा नाम आशीष कुशवाहा है और मैं पिछले 4 सालों से एक फुल टाइम ब्लॉगर हूँ, इस ब्लॉग पर आपको Blogging तथा पैसे कैसे कमाए से संबंधित सभी सवालों के जवाब मिलेंगे। दोस्तों Blogging सीखने के लिए आप इस ब्लॉग पर बनें रहें!

Leave a Comment