External Link Kya Hai – ब्लॉग पर आर्टिकल लिखते समय किसी विषय को सही, भरोसेमंद और गहराई से समझाने के लिए अलग-अलग स्रोतों (Sources) का सहारा लेना बेहद जरूरी होता है।
चाहे आप किसी भी टॉपिक पर कंटेंट लिख रहे हों, आँकड़ों (Data), रिसर्च या रेफरेंस को साबित करने के लिए External Link का उपयोग करना एक सामान्य और जरूरी प्रक्रिया है।
यही वजह है कि External Linking आपकी SEO Strategy का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। सही एक्सटर्नल लिंक न केवल आपके कंटेंट की विश्वसनीयता बढ़ाती है, बल्कि गूगल को यह संकेत भी देती है कि आपका आर्टिकल उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोगी और वैल्यू देने वाला है।
हालाँकि, आज के समय में बहुत से नए ब्लॉगर ऐसे हैं जिन्हें External Link क्या है और इसका सही उपयोग कैसे किया जाता है, इसकी पूरी जानकारी नहीं होती।
इसी कारण वे अपने ब्लॉग पोस्ट में एक्सटर्नल लिंक का इस्तेमाल नहीं कर पाते, जिसका सीधा असर उनके ब्लॉग के Bounce Rate और Ranking पर पड़ता है।
गलत या अनावश्यक External Linking करने से जहाँ एक ओर Bounce Rate बढ़ सकता है, वहीं सही तरीके से External Link देने से यूज़र एक्सपीरियंस बेहतर होता है और SEO भी मजबूत होता है।
इस लेख में आप विस्तार से जानेंगे—
- External Link क्या है?
- External Link देना कब जरूरी होता है?
- External Link कैसे करें?
- एक आर्टिकल में कितने External Link का उपयोग करना चाहिए?
तो बिना समय गंवाए, आइए सीधे शुरू करते हैं और विस्तार से समझते हैं कि External Link Kya Hai और External Linking सही तरीके से कैसे की जाती है, ताकि आपका ब्लॉग गूगल में बेहतर रैंक कर सके।
Table of Contents
एक्सटर्नल लिंक क्या है? (External Link Kya Hai)

एक्सटर्नल लिंक वे लिंक होते हैं जो आपकी वेबसाइट से किसी अन्य वेबसाइट या डोमेन की ओर जाते हैं। इन्हें Outbound Links भी कहा जाता है। जब आप अपने आर्टिकल में किसी दूसरी वेबसाइट का लिंक जोड़ते हैं, तो वह एक्सटर्नल लिंक कहलाता है।
एक्सटर्नल लिंक का मुख्य उद्देश्य पाठकों को उस विषय से जुड़ी अतिरिक्त और भरोसेमंद जानकारी प्रदान करना होता है, जिस पर आप लेख लिख रहे हैं।
इसके अलावा, ये लिंक उन सोर्सेज को दर्शाने के लिए भी उपयोग किए जाते हैं, जिनकी मदद से आपने अपने कंटेंट के लिए रिसर्च या डेटा एकत्र किया है।
SEO की दृष्टि से देखा जाए तो एक्सटर्नल लिंक, इंटरनल लिंकिंग की तुलना में अधिक प्रभावी माने जाते हैं। सर्च इंजन एक्सटर्नल लिंक को किसी वेबपेज के लिए विश्वास (Trust) और लोकप्रियता (Authority) के संकेत के रूप में देखते हैं।
आसान शब्दों में कहें तो, जब आप किसी भरोसेमंद वेबसाइट को लिंक करते हैं, तो सर्च इंजन इसे एक तरह का “External Vote” मानता है।
उदाहरण के तौर पर, यदि आप अपने आर्टिकल में कोई आँकड़ा (Data) या तथ्य प्रस्तुत करते हैं, तो पाठक स्वाभाविक रूप से यह जानना चाहता है कि यह जानकारी कितनी सही है और किस स्रोत पर आधारित है।
ऐसे में यदि आपने किसी विश्वसनीय वेबसाइट का एक्सटर्नल लिंक दिया है, तो पाठक की शंका तुरंत दूर हो जाती है और आपका कंटेंट अधिक भरोसेमंद बन जाता है।
यही कारण है कि अगर आप अपने ब्लॉग पोस्ट में एक्सटर्नल लिंक का सही तरीके से उपयोग नहीं कर रहे हैं, तो आप SEO को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर खो रहे हैं। एक्सटर्नल लिंक SEO का एक अहम फैक्टर है, जो आपके ब्लॉग को सर्च इंजन में बेहतर रैंक करने में मदद करता है।
इसके अलावा, एक्सटर्नल लिंक का उपयोग केवल आर्टिकल तक ही सीमित नहीं है। आप इन्हें साइट नेविगेशन में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
उदाहरण के लिए, यदि आपका ब्लॉग आपके मुख्य वेबसाइट से अलग URL पर है, तो आप नेविगेशन मेनू या ब्लॉग रोल में एक्सटर्नल लिंक जोड़कर यूज़र एक्सपीरियंस को बेहतर बना सकते हैं।
एक्सटर्नल लिंक की परिभाषा (External Link Definition in Hindi)
एक्सटर्नल लिंक वह लिंक होता है जो आपकी वेबसाइट से किसी बाहरी डोमेन या दूसरी वेबसाइट की ओर संकेत करता है। जब आप अपने आर्टिकल में किसी अन्य वेबसाइट का लिंक जोड़ते हैं, तो उसे एक्सटर्नल लिंक कहा जाता है।
SEO विशेषज्ञों के अनुसार, एक्सटर्नल लिंक रैंकिंग पावर का एक बेहद महत्वपूर्ण स्रोत माने जाते हैं। इसका कारण यह है कि सर्च इंजन एक्सटर्नल लिंक को किसी वेबपेज के लिए विश्वसनीयता और अथॉरिटी के संकेत के रूप में देखते हैं।
एक्सटर्नल लिंक, लिंक जूस (Link Equity) को इंटरनल लिंक से अलग तरीके से पास करते हैं। सर्च इंजन इन्हें थर्ड पार्टी वोट की तरह मानते हैं, यानी जब आप किसी भरोसेमंद वेबसाइट को लिंक करते हैं, तो यह आपके कंटेंट की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को मजबूत करता है।
इसके साथ ही, अधिकतर SEO एक्सपर्ट यह मानते हैं कि केवल “Title” लिंक एट्रिब्यूट का उपयोग करना रैंकिंग बढ़ाने के लिए प्रभावी नहीं होता। वास्तविक SEO लाभ सही और भरोसेमंद वेबसाइटों की ओर दिए गए प्रासंगिक एक्सटर्नल लिंक से मिलता है।
संक्षेप में कहें तो, सही तरीके से की गई एक्सटर्नल लिंकिंग न केवल आपके कंटेंट को अधिक भरोसेमंद बनाती है, बल्कि सर्च इंजन में आपके ब्लॉग की रैंकिंग सुधारने में भी अहम भूमिका निभाती है।
एक्सटर्नल लिंक और बैकलिंक में अंतर (External Link vs Backlink)
SEO की दुनिया में एक्सटर्नल लिंक और बैकलिंक दोनों का महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन दोनों का उद्देश्य और प्रभाव अलग-अलग होता है। सही रणनीति के साथ इनका उपयोग करने से आपके ब्लॉग की विश्वसनीयता, अथॉरिटी और रैंकिंग में सुधार होता है।
बैकलिंक वे लिंक होते हैं जो किसी दूसरी वेबसाइट से आपकी वेबसाइट की ओर इशारा करते हैं। जब कोई अन्य साइट आपके कंटेंट को लिंक करती है,
तो यह सर्च इंजन को संकेत देता है कि आपकी वेबसाइट उपयोगी, भरोसेमंद और वैल्यू देने वाली है। इसी कारण बैकलिंक आपकी वेबसाइट की अथॉरिटी और रैंकिंग बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
वहीं दूसरी ओर, एक्सटर्नल लिंक वे लिंक होते हैं जिन्हें आप अपनी वेबसाइट पर जोड़ते हैं और जो किसी अन्य वेबसाइट की ओर जाते हैं।
इनका उपयोग आमतौर पर सोर्स दिखाने, रिसर्च को सपोर्ट करने या किसी ऐसे विषय पर पाठकों को अतिरिक्त जानकारी देने के लिए किया जाता है, जिसे आप अपने लेख में विस्तार से कवर नहीं कर पाते।
SEO के नजरिए से देखा जाए तो बैकलिंक को आमतौर पर एक्सटर्नल लिंक की तुलना में अधिक वैल्युएबल माना जाता है,
क्योंकि ये दर्शाते हैं कि अन्य वेबसाइटें स्वेच्छा से आपके कंटेंट को लिंक कर रही हैं। इसका मतलब यह होता है कि आपकी वेबसाइट उनके लिए महत्वपूर्ण और भरोसेमंद है।
हालाँकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि एक्सटर्नल लिंक कम महत्वपूर्ण हैं। यदि आप हाई-क्वालिटी, रिलिवेंट और ऑथोरिटेटिव वेबसाइटों को एक्सटर्नल लिंक देते हैं, तो वे भी आपके ब्लॉग की विश्वसनीयता बढ़ाने और यूज़र एक्सपीरियंस सुधारने में मदद करते हैं।
निष्कर्ष रूप में कहा जाए तो, अपने ब्लॉग की SEO रणनीति को मजबूत बनाने के लिए बैकलिंक और एक्सटर्नल लिंक—दोनों का संतुलित और सही उपयोग करना बेहद जरूरी है। यही संतुलन आपके ब्लॉग को गूगल में बेहतर रैंक दिलाने में सहायक बनता है।
एक्सटर्नल लिंकिंग SEO के लिए क्यों जरूरी है?
SEO से जुड़े कई Search Engine Ranking Factors सर्वे यह साफ तौर पर बताते हैं कि गूगल में बेहतर रैंक हासिल करने के लिए External Linking का सही उपयोग बेहद जरूरी है।
सर्च इंजन किसी भी वेबपेज की लोकप्रियता और विश्वसनीयता को मापने के लिए एक्सटर्नल लिंक को एक अहम संकेत (Signal) के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
वेबपेज की लोकप्रियता को एक्सटर्नल लिंक के आधार पर आंकने की शुरुआत सबसे पहले AltaVista जैसे शुरुआती सर्च इंजन ने की थी, जिसे बाद में Google ने और अधिक एडवांस तरीके से विकसित किया।
गूगल का प्रसिद्ध PageRank Algorithm किसी भी वेबपेज की ओर जाने वाले एक्सटर्नल लिंक को उसकी लोकप्रियता के लिए वोट (Vote) के रूप में गिनता है।
सरल शब्दों में कहें तो, जिस वेबपेज की ओर सबसे अधिक क्वालिटी एक्सटर्नल लिंक जाते हैं, उसे सर्च इंजन उतना ही अधिक लोकप्रिय और भरोसेमंद मानते हैं।
जब ऐसे वेबपेज किसी विशेष सर्च क्वेरी के लिए रिलिवेंट भी होते हैं, तो उन्हें सर्च इंजन रिजल्ट पेज (SERP) में टॉप रैंक मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
आज के समय में गूगल और अन्य टॉप सर्च इंजन एक्सटर्नल लिंक की वैल्यू तय करने के लिए केवल लिंक की संख्या नहीं देखते, बल्कि कई एडवांस मेट्रिक्स का उपयोग करते हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- लिंक देने वाले डोमेन की विश्वसनीयता (Domain Trust)
- लिंक देने वाले पेज की लोकप्रियता (Page Authority)
- सोर्स पेज और टारगेट पेज के कंटेंट के बीच रिलेवंसी
- लिंक में इस्तेमाल किया गया सही और नेचुरल एंकर टेक्स्ट
- सोर्स पेज पर मौजूद कुल आउटबाउंड लिंक की संख्या
- टारगेट पेज से जुड़े रूट डोमेन की संख्या
- एंकर टेक्स्ट में इस्तेमाल की गई विभिन्न वेरिएशन्स
- सोर्स और टारगेट डोमेन के बीच ओनरशिप या रिलेशनशिप
निष्कर्ष रूप में कहा जाए तो, सही रणनीति के साथ की गई External Linking न केवल आपके कंटेंट की विश्वसनीयता बढ़ाती है, बल्कि SEO को मजबूत करके आपके ब्लॉग को गूगल में बेहतर रैंक दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
एक्सटर्नल लिंक कब उपयोगी होते हैं?
एक्सटर्नल लिंक तब सबसे अधिक उपयोगी साबित होते हैं, जब वे हाई-क्वालिटी (High Quality) और रिलीवेंट (Relevant) हों।
SEO के नजरिए से वही एक्सटर्नल लिंक प्रभावी माने जाते हैं, जो किसी भरोसेमंद, प्रतिष्ठित और ऑथोरिटेटिव वेबसाइट की ओर इशारा करते हैं।
हाई-क्वालिटी एक्सटर्नल लिंक का मतलब है ऐसी वेबसाइट से लिंक करना, जिसकी ऑनलाइन प्रतिष्ठा अच्छी हो और जिसे सर्च इंजन विश्वसनीय मानते हों। वहीं, रिलीवेंट एक्सटर्नल लिंक वह होता है जो उसी विषय से जुड़ा हो, जिस पर आप अपना आर्टिकल लिख रहे हैं।
यह बेहद जरूरी है कि आप केवल उन्हीं वेबसाइटों को लिंक करें, जिन पर आप खुद भरोसा करते हैं। लो-क्वालिटी या Irrelevant वेबसाइटों से लिंक करने पर आपकी वेबसाइट की विश्वसनीयता को नुकसान पहुँच सकता है और इसका नकारात्मक असर SEO पर भी पड़ता है।
अगर किसी वेबसाइट या लिंक को लेकर आपको ज़रा-सा भी संदेह हो, तो बेहतर है कि आप उस एक्सटर्नल लिंक को अपने आर्टिकल में शामिल न करें। याद रखें, गलत एक्सटर्नल लिंक आपकी मेहनत से बनाई गई ऑथोरिटी और ट्रस्ट को कमजोर कर सकता है।
कैसे पहचानें कि एक्सटर्नल लिंक अच्छा है या बुरा?
नीचे दिए गए कुछ संकेतों की मदद से आप यह तय कर सकते हैं कि कोई एक्सटर्नल लिंक SEO के लिए सही है या नुकसानदायक—
- कम Domain Authority वाली वेबसाइट
- असुरक्षित (Unsafe / Non-HTTPS) लिंक
- केवल No-Follow लिंक देने वाली वेबसाइट
- Irrelevant या हानिकारक कंटेंट वाली साइट
- Link Spam या अत्यधिक विज्ञापन वाली वेबसाइट
निष्कर्ष रूप में कहा जाए तो, सही समय पर और सही वेबसाइटों को दिए गए हाई-क्वालिटी और रिलीवेंट एक्सटर्नल लिंक न केवल यूज़र एक्सपीरियंस को बेहतर बनाते हैं, बल्कि आपके ब्लॉग की SEO रैंकिंग सुधारने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
एक्सटर्नल लिंक क्यों दिए जाते हैं?
अब तक आप यह अच्छी तरह समझ चुके होंगे कि एक्सटर्नल लिंक क्या है और SEO के लिए एक्सटर्नल लिंक क्यों जरूरी होते हैं। लेकिन कई नए ब्लॉगर के मन में एक सामान्य सवाल जरूर आता है—
“अगर हम एक्सटर्नल लिंक देंगे, तो यूज़र हमारे ब्लॉग से बाहर क्यों न चले जाएँ?”
दरअसल, एक्सटर्नल लिंक देने का मुख्य उद्देश्य यूज़र को बाहर भेजना नहीं, बल्कि आपके कंटेंट की विश्वसनीयता (Credibility) और उपयोगिता (Usefulness) बढ़ाना होता है।
मान लीजिए आप अपने ब्लॉग पर किसी विषय से जुड़ा आर्टिकल लिख रहे हैं और उसमें किसी तथ्य, आँकड़े या जानकारी को 100% सत्य और प्रमाणित दिखाना चाहते हैं।
ऐसे में जिस वेबसाइट या सोर्स से आपने रिसर्च की है, उसे एक्सटर्नल लिंक के रूप में जोड़ना सबसे सही तरीका होता है। इससे पाठक को भरोसा होता है कि दी गई जानकारी प्रमाणिक है।
इसके अलावा, कई बार ऐसा भी होता है कि किसी आर्टिकल में कोई ऐसा विषय आ जाता है, जिसे आप विस्तार से कवर नहीं करना चाहते या जो आपके लेख का मुख्य फोकस नहीं है।
ऐसी स्थिति में उस विषय से जुड़ी अच्छी और भरोसेमंद वेबसाइट का एक्सटर्नल लिंक देना यूज़र के लिए काफी उपयोगी साबित होता है।
जहाँ तक यूज़र के ब्लॉग से बाहर जाने की बात है, तो इसका समाधान भी सरल है। एक्सटर्नल लिंक का उपयोग तभी करें, जब उसकी वास्तव में जरूरत हो और केवल उन्हीं वेबसाइटों को लिंक करें जो आपके कंटेंट की वैल्यू बढ़ाती हों।
सही तरीके से की गई एक्सटर्नल लिंकिंग न केवल यूज़र एक्सपीरियंस को बेहतर बनाती है, बल्कि SEO को मजबूत करके आपके ब्लॉग की रैंकिंग सुधारने में भी मदद करती है।
एक्सटर्नल लिंकिंग कैसे करें? (External Linking Kaise Kare)
अब तक आप यह जान चुके हैं कि एक्सटर्नल लिंक क्या होते हैं, इनके SEO फायदे क्या हैं और ये कब उपयोगी साबित होते हैं।
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि एक्सटर्नल लिंकिंग सही तरीके से कैसे की जाए, ताकि इससे SEO को फायदा मिले और ब्लॉग की रैंकिंग बेहतर हो।
एक्सटर्नल लिंकिंग करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक होता है। नीचे दिए गए पॉइंट्स को फॉलो करके आप सही और SEO-फ्रेंडली एक्सटर्नल लिंकिंग कर सकते हैं—
1. कीवर्ड-रिलेटेड एंकर टेक्स्ट का उपयोग करें
एक्सटर्नल लिंक देते समय हमेशा रिलिवेंट और नेचुरल एंकर टेक्स्ट का इस्तेमाल करें। एंकर टेक्स्ट ऐसा होना चाहिए, जो लिंक किए गए पेज के कंटेंट को स्पष्ट रूप से दर्शाए।
2. एक्सटर्नल लिंक की संख्या सीमित रखें
अपने ब्लॉग के किसी भी वेबपेज पर जरूरत से ज्यादा एक्सटर्नल लिंक न जोड़ें। ज्यादा लिंक यूज़र को कन्फ्यूज कर सकते हैं और SEO पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं।
3. क्वांटिटी नहीं, क्वालिटी पर ध्यान दें
एक्सटर्नल लिंकिंग करते समय हमेशा संख्या से ज्यादा क्वालिटी को प्राथमिकता दें। एक हाई-क्वालिटी और भरोसेमंद वेबसाइट का लिंक कई लो-क्वालिटी लिंक से कहीं बेहतर होता है।
4. एक्सटर्नल लिंकिंग गाइडलाइंस का पालन करें
सदैव सर्च इंजन और SEO की External Linking Best Practices को फॉलो करें, ताकि आपका ब्लॉग किसी भी तरह की पेनल्टी से सुरक्षित रहे।
5. विषय से संबंधित वेबपेज को ही लिंक करें
हमेशा अपने आर्टिकल के विषय से जुड़े हुए Relevant वेबपेज का ही एक्सटर्नल लिंक दें। Irrelevant लिंक यूज़र एक्सपीरियंस को खराब कर सकते हैं।
6. जरूरत होने पर ही एक्सटर्नल लिंक का उपयोग करें
एक्सटर्नल लिंक तभी दें, जब वह आपके कंटेंट की वैल्यू बढ़ाता हो। अनावश्यक एक्सटर्नल लिंक से बचें, क्योंकि यह यूज़र को आपके ब्लॉग से जल्दी बाहर ले जा सकता है।
निष्कर्ष रूप में कहा जाए तो, सही रणनीति के साथ की गई External Linking न केवल आपके कंटेंट को अधिक भरोसेमंद बनाती है, बल्कि SEO को मजबूत करके गूगल में बेहतर रैंकिंग हासिल करने में भी मदद करती है।
एक्सटर्नल लिंक के फायदे (External Linking Benefits)
एक्सटर्नल लिंकिंग SEO की एक महत्वपूर्ण रणनीति है, जिसके सही उपयोग से आपके ब्लॉग और वेबसाइट को कई तरह के लाभ मिलते हैं।
सही और भरोसेमंद वेबसाइटों को लिंक करने से न केवल आपकी कंटेंट क्वालिटी बेहतर होती है, बल्कि गूगल में आपकी साइट की विश्वसनीयता और वैल्यू भी बढ़ती है।
नीचे एक्सटर्नल लिंक के प्रमुख फायदे बताए गए हैं—
1. गूगल की नजरों में ब्लॉग की वैल्यू बढ़ती है
जब आप अपने आर्टिकल में हाई-क्वालिटी और रिलिवेंट एक्सटर्नल लिंक का उपयोग करते हैं, तो सर्च इंजन इसे एक पॉजिटिव सिग्नल मानते हैं। इससे गूगल को यह संकेत मिलता है कि आपका कंटेंट उपयोगी और भरोसेमंद है।
2. यूज़र एक्सपीरियंस बेहतर होता है
एक्सटर्नल लिंकिंग से यूज़र को एक ही जगह पर विषय से जुड़ी पूरी जानकारी मिल जाती है। इससे पाठक का अनुभव बेहतर होता है और वह आपके ब्लॉग पर ज्यादा समय बिताता है।
3. वेबसाइट पर गूगल का भरोसा बढ़ता है
जब आप विश्वसनीय स्रोतों का हवाला देते हैं, तो गूगल आपकी वेबसाइट को ट्रस्टेबल और ऑथोरिटेटिव मानने लगता है, जिसका सीधा असर आपकी SEO रैंकिंग पर पड़ता है।
4. बैकलिंक मिलने की संभावना बढ़ती है
अगर कोई दूसरी वेबसाइट आपके कंटेंट को उपयोगी समझकर अपनी साइट पर आपके ब्लॉग का लिंक देती है, तो आपको वहाँ से बैकलिंक मिलता है। इससे आपकी वेबसाइट की Domain Authority और Page Authority बढ़ती है, जो लॉन्ग-टर्म SEO के लिए बेहद फायदेमंद है।
निष्कर्ष रूप में कहा जाए तो, सही रणनीति के साथ की गई External Linking न केवल आपके ब्लॉग की वैल्यू और विश्वसनीयता बढ़ाती है, बल्कि यूज़र एक्सपीरियंस और SEO दोनों को मजबूत करती है।
FAQ – External Link Kya Hai (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. क्या एक्सटर्नल लिंक किसी वेबसाइट को नुकसान पहुँचा सकते हैं?
हाँ, गलत तरीके से किए गए एक्सटर्नल लिंक आपकी वेबसाइट को नुकसान पहुँचा सकते हैं। अगर एक्सटर्नल लिंक किसी Link Scheme का हिस्सा हों, तो सर्च इंजन आपकी साइट को पेनालाइज़ कर सकता है।
इसमें शामिल हैं लिंक सेलिंग (Link Selling), जरूरत से ज्यादा एक्सटर्नल लिंक देना, Dofollow विज्ञापन लिंक, अननेचुरल या स्पैम लिंक आदि। इसलिए हमेशा हाई-क्वालिटी और रिलिवेंट वेबसाइटों को ही एक्सटर्नल लिंक दें।
Q2. External Link क्या होते हैं?
एक्सटर्नल लिंक वे लिंक होते हैं, जो यूज़र को आपकी वेबसाइट के किसी पेज से किसी दूसरी वेबसाइट के पेज पर ले जाते हैं। इन्हें Outbound Links भी कहा जाता है और ये SEO व यूज़र एक्सपीरियंस दोनों के लिए उपयोगी होते हैं।
Q3. अपनी वेबसाइट के एक्सटर्नल लिंक कैसे चेक या तलाश करें?
अपनी वेबसाइट के एक्सटर्नल लिंक देखने या एनालाइज़ करने के लिए आप SEO टूल्स का उपयोग कर सकते हैं, जैसे—
- Google Search Console
- Moz Link Explorer
इन टूल्स की मदद से आप अपनी वेबसाइट के लिंक, बैकलिंक, और इस्तेमाल किए गए एंकर टेक्स्ट की पूरी जानकारी आसानी से देख सकते हैं।
Q4. क्या बिना अनुमति के किसी वेबसाइट को लिंक करना गैरकानूनी है?
नहीं, सामान्य रूप से किसी वेबसाइट को लिंक करने के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं होती। अधिकांश देशों में वेबमास्टर स्वतंत्र रूप से किसी भी पब्लिक वेबपेज को लिंक कर सकते हैं।
हालाँकि, कुछ विशेष मामलों या देशों में अलग कानूनी नियम हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर एक्सटर्नल लिंक देना पूरी तरह वैध है।
Q5. क्या मुझे अपनी वेबसाइट पर एक्सटर्नल लिंक का उपयोग करना चाहिए?
हाँ, बिल्कुल!
एक्सटर्नल लिंक आपके SEO को मजबूत करने और पाठकों को अधिक वैल्यू देने का एक बेहतरीन तरीका हैं। बस ध्यान रखें—
- जरूरत के अनुसार ही एक्सटर्नल लिंक दें
- क्वांटिटी से ज्यादा क्वालिटी पर फोकस करें
- केवल भरोसेमंद और रिलिवेंट वेबसाइटों को लिंक करें
निष्कर्ष – External Link Kya Hai
आज के इस लेख में हमने आपको External Link Kya Hai से जुड़ी पूरी जानकारी सरल और विस्तार से प्रदान की है, ताकि इस विषय को समझने के लिए आपको अलग-अलग वेबसाइटों पर भटकने की आवश्यकता न पड़े।
इस लेख के माध्यम से आपने यह जाना कि एक्सटर्नल लिंक क्या होते हैं, ये SEO के लिए क्यों जरूरी हैं, कब और कैसे इनका सही उपयोग करना चाहिए और इनसे आपके ब्लॉग की रैंकिंग कैसे बेहतर हो सकती है।
यदि इस लेख से आपको थोड़ी-सी भी मदद मिली हो, तो इसे अपने दोस्तों और सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें, ताकि दूसरे लोग भी External Linking और SEO से जुड़ी सही जानकारी प्राप्त कर सकें।
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