Internal Linking Kya Hai: इंटरनल लिंकिंग (Internal Linking) किसी भी ब्लॉग या वेबसाइट की SEO स्ट्रेटजी का एक बेहद जरूरी हिस्सा होती है।
यह न सिर्फ आपकी वेबसाइट को सर्च इंजन के लिए बेहतर बनाती है, बल्कि यूजर्स को भी सही जानकारी तक आसानी से पहुँचने में मदद करती है।
सरल शब्दों में कहें तो इंटरनल लिंक वे लिंक होते हैं, जो आपकी वेबसाइट के एक पेज को उसी वेबसाइट के दूसरे पेज से जोड़ते हैं।
जब आपके ब्लॉग में सही तरीके से इंटरनल लिंकिंग की जाती है, तो यूजर एक्सपीरियंस बेहतर होता है, विजिटर ज्यादा समय तक वेबसाइट पर रुकते हैं और सर्च इंजन क्रॉलर आपकी साइट के सभी पेजों को आसानी और कम समय में क्रॉल व इंडेक्स कर पाते हैं। यही वजह है कि लगभग हर सफल वेबसाइट और ब्लॉग में इंटरनल लिंकिंग का सही इस्तेमाल देखने को मिलता है।
संभव है कि आप पहले से ही अपने ब्लॉग में इंटरनल लिंक का उपयोग कर रहे हों, लेकिन अगर आप चाहते हैं कि आपका कंटेंट SEO के नजरिए से पूरी तरह ऑप्टिमाइज हो और गूगल में बेहतर रैंक करे,
तो आपको यह गहराई से समझना जरूरी है कि इंटरनल लिंकिंग क्या है, यह कैसे काम करती है, इंटरनल लिंक कैसे बनाएं, उन्हें कहां और कितनी मात्रा में लगाना चाहिए और SEO में इनका महत्व क्यों है।
इस लेख में हम इंटरनल लिंकिंग से जुड़ी हर जरूरी जानकारी को सरल और आसान भाषा में विस्तार से समझेंगे, ताकि कोई भी पाठक इसे आसानी से पढ़कर समझ सके और अपने ब्लॉग पर सही तरीके से लागू कर सके।
तो आइए बिना समय गंवाए शुरू करते हैं — Internal Linking Kya Hai?
Table of Contents
Internal Linking क्या है?

जब हम अपने ब्लॉग पर कंटेंट लिखते समय अपने ही ब्लॉग के एक आर्टिकल को दूसरे संबंधित आर्टिकल से लिंक के माध्यम से जोड़ते हैं, तो इस पूरी प्रक्रिया को Internal Linking (इंटरनल लिंकिंग) कहा जाता है।
यह On Page SEO का एक बेहद महत्वपूर्ण फैक्टर माना जाता है, जो वेबसाइट की रैंकिंग और यूजर एक्सपीरियंस—दोनों को बेहतर बनाने में मदद करता है।
इंटरनल लिंकिंग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे यूजर्स आपकी वेबसाइट पर ज्यादा समय तक बने रहते हैं। जब किसी एक आर्टिकल में उन्हें उससे जुड़ी दूसरी जरूरी जानकारियों के लिंक मिल जाते हैं,
तो वे बार-बार नई जानकारी पाने के लिए दूसरे पेज पर जाते हैं। इससे Bounce Rate कम होता है और आपकी वेबसाइट की क्वालिटी सर्च इंजन की नजर में बेहतर होती है।
साथ ही, इंटरनल लिंकिंग के जरिए Link Juice एक पेज से दूसरे पेज में पास होता है, जिससे आपके ब्लॉग के अन्य पेज और कीवर्ड्स के Google में रैंक होने के चांस बढ़ जाते हैं।
सही रणनीति के साथ की गई इंटरनल लिंकिंग आपके पुराने और नए—दोनों तरह के आर्टिकल्स को फायदा पहुँचाती है।
इंटरनल लिंक आपके ब्लॉग का एक मजबूत Website Architecture तैयार करते हैं। अगर आप अपनी वेबसाइट को एक पिरामिड स्ट्रक्चर के रूप में देखें, तो सबसे ऊपर आपका Home Page होता है और उसके नीचे कैटेगरी व आर्टिकल्स होते हैं।
आपकी इंटरनल लिंकिंग प्रोफाइल इसी पिरामिड की तरह व्यवस्थित होनी चाहिए, ताकि सर्च इंजन और यूजर्स—दोनों को नेविगेशन में आसानी हो।
आदर्श स्थिति में, आपको अपनी वेबसाइट पर इंटरनल लिंकिंग इस तरह करनी चाहिए कि कोई भी पेज यूजर को अधिकतम तीन क्लिक में मिल जाए। इससे वेबसाइट की एक्सेसिबिलिटी बेहतर होती है और SEO पर सीधा पॉजिटिव असर पड़ता है।
संक्षेप में कहा जाए, तो सही तरीके से की गई इंटरनल लिंकिंग न केवल SEO सुधारती है, बल्कि यूजर एक्सपीरियंस, पेज व्यू और वेबसाइट की ओवरऑल परफॉर्मेंस को भी मजबूत बनाती है।
Internal Linking के प्रकार
किसी भी ब्लॉग या वेबसाइट पर अलग-अलग प्रकार के Internal Links मौजूद होते हैं। इन सभी इंटरनल लिंक का अपना-अपना महत्व होता है और ये यूजर एक्सपीरियंस तथा SEO परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
अगर आप इन इंटरनल लिंक के प्रकारों और उनके उपयोग को सही से समझ लेते हैं, तो आपका ब्लॉग न सिर्फ यूजर्स के लिए आसान बनता है, बल्कि सर्च इंजन में बेहतर रैंक करने की संभावना भी बढ़ जाती है।
तो आइए जानते हैं Internal Linking कितने प्रकार की होती है।
#1 – Menu / Navigation Internal Linking
Menu या Navigation Internal Links आपके ब्लॉग के सबसे महत्वपूर्ण इंटरनल लिंक होते हैं। ये लिंक आमतौर पर ब्लॉग के Header या Top Menu में स्थायी रूप से दिखाई देते हैं।
इन लिंक्स के जरिए यूजर्स को आपके ब्लॉग की मुख्य कैटेगरी, प्राइमरी सर्विसेज या प्रमुख टॉपिक्स के बारे में जानकारी मिलती है। Navigation Links यूजर्स को यह समझाने में मदद करते हैं कि आपके ब्लॉग पर सबसे जरूरी और उपयोगी कंटेंट कहां मौजूद है।
इन्हें Navigation Links इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये मैप की तरह काम करते हैं, यानी यूजर्स को गाइड करते हैं कि उन्हें आगे किस पेज या आर्टिकल पर जाना चाहिए। सही तरीके से बनाई गई नेविगेशन इंटरनल लिंकिंग SEO के लिए बहुत फायदेमंद होती है।
#2 – Footer Internal Linking
Footer Internal Links भी Navigation Links की तरह स्थायी होते हैं, यानी जब तक आप इन्हें बदलते नहीं हैं, ये आपके ब्लॉग के हर पेज पर दिखाई देते हैं।
क्योंकि यूजर्स आपके ब्लॉग के अलग-अलग पेज विजिट करते हैं, इसलिए Footer Links सभी पेजों पर दिखते हैं। यहां आप ऐसे इंटरनल लिंक जोड़ सकते हैं, जो महत्वपूर्ण पेजों की ओर इशारा करते हों और जिनकी जानकारी यूजर्स अक्सर तलाश करते हैं।
अक्सर ब्लॉग के Footer में आपको Contact Us, About Us, FAQ, Help, Privacy Policy जैसे पेजों के लिंक देखने को मिलते हैं।
अगर यूजर को पेज के अंत तक स्क्रॉल करने के बाद भी जरूरी जानकारी नहीं मिलती, तो वह साइट छोड़ सकता है। इसलिए Footer Internal Linking का सही इस्तेमाल बहुत जरूरी है।
#3 – Sidebar Internal Linking
Sidebar Internal Links आमतौर पर Relevant या Popular Content से जुड़े होते हैं और इनका उद्देश्य भी नेविगेशन को आसान बनाना होता है।
कई ब्लॉग अपने Sidebar में इंटरनल लिंक्स का उपयोग करके यूजर्स को लोकप्रिय, ट्रेंडिंग या संबंधित आर्टिकल्स तक पहुंचाते हैं। यह तरीका यूजर्स को ज्यादा पेज देखने के लिए प्रेरित करता है।
Sidebar Links खासतौर पर उन ब्लॉग्स के लिए बहुत उपयोगी होते हैं, जहां बहुत ज्यादा कंटेंट होता है, जैसे कि News Blogs या Multi-Niche Blogs। इससे यूजर्स को मनचाही जानकारी जल्दी मिल जाती है और Bounce Rate कम होता है।
#4 – In-Text Internal Linking
In-Text Internal Links वे लिंक होते हैं, जो किसी ब्लॉग पोस्ट के मुख्य कंटेंट के बीच में दिखाई देते हैं। SEO के नजरिए से यह सबसे प्रभावी इंटरनल लिंकिंग मानी जाती है।
इन लिंक्स का उपयोग आमतौर पर On Page SEO के दौरान किया जाता है, जहां किसी महत्वपूर्ण कीवर्ड या वाक्यांश पर क्लिक करके यूजर को संबंधित दूसरे आर्टिकल पर भेजा जाता है।
इससे न सिर्फ यूजर को अतिरिक्त जानकारी मिलती है, बल्कि Link Juice पास होकर दूसरे पेज की रैंकिंग भी बेहतर होती है।
इन सभी प्रकार की Internal Linking को सही रणनीति के साथ इस्तेमाल करने से आपका ब्लॉग यूजर-फ्रेंडली, SEO-फ्रेंडली और Google-फ्रेंडली बनता है।
अगर आप चाहते हैं कि आपकी वेबसाइट गूगल में बेहतर रैंक करे और यूजर्स ज्यादा समय तक आपकी साइट पर बने रहें, तो इन सभी इंटरनल लिंकिंग टाइप्स का संतुलित उपयोग करना बेहद जरूरी है।
Internal Linking करना क्यों महत्वपूर्ण है?
अपने ब्लॉग या वेबसाइट के वेब पेजों पर Internal Linking करने के लिए थोड़ा समय निकालना आपकी SEO रणनीति को कई गुना मजबूत बना सकता है।
सही तरीके से की गई इंटरनल लिंकिंग न सिर्फ सर्च इंजन को आपकी वेबसाइट समझने में मदद करती है, बल्कि यूजर्स के लिए भी आपकी साइट को ज्यादा उपयोगी और आसान बनाती है।
आइए विस्तार से समझते हैं कि Internal Linking क्यों जरूरी है और यह SEO में कैसे मदद करती है।
#1 – User Experience (UX) को बेहतर बनाती है
Internal Linking का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह आपके ब्लॉग का User Experience बेहतर बनाती है। जब आप अपने आर्टिकल्स में संबंधित (Relevant) इंटरनल लिंक जोड़ते हैं, तो यूजर्स को एक ही जगह पर उससे जुड़ी और भी जानकारी आसानी से मिल जाती है।
यह खासतौर पर उन यूजर्स के लिए बहुत उपयोगी होता है, जो पहली बार आपके ब्लॉग पर विजिट कर रहे होते हैं और जिन्हें आपके कंटेंट स्ट्रक्चर की पहले से कोई जानकारी नहीं होती।
आसान नेविगेशन और सही इंटरनल लिंकिंग से यूजर्स को वह जानकारी जल्दी मिल जाती है, जिसकी वे तलाश कर रहे होते हैं—और यही बेहतर UX आपकी Google Ranking में अहम भूमिका निभाता है।
#2 – Reader आपके ब्लॉग पर ज्यादा समय तक रुकता है
जब आप अपने आर्टिकल में उससे जुड़े अन्य आर्टिकल्स के लिंक जोड़ते हैं, तो रीडर के ब्लॉग छोड़कर जाने की संभावना काफी कम हो जाती है।
अगर यूजर्स Google Search (Organic Traffic) के जरिए आपके ब्लॉग पर आते हैं और आपके पेज पर ज्यादा समय बिताते हैं, तो यह Google को एक पॉजिटिव सिग्नल देता है कि यूजर को उसकी खोज से जुड़ी सही और वैल्यूएबल जानकारी मिल गई है।
इससे Dwell Time बढ़ता है, Bounce Rate कम होता है, और धीरे-धीरे Google आपके कंटेंट को ज्यादा भरोसेमंद मानकर उसकी Ranking Improve करने लगता है।
#3 – एक ही आर्टिकल में ज्यादा जानकारी मिलती है
Internal Linking की मदद से आप अपने एक आर्टिकल को Knowledge Hub बना सकते हैं। जब आप अपने ब्लॉग पोस्ट को अन्य Relevant Articles, Products, Services या Niche से जुड़े कंटेंट से लिंक करते हैं, तो यूजर्स को अलग-अलग पेज खोजने की जरूरत नहीं पड़ती।
इससे रीडर्स को एक ही आर्टिकल के जरिए गहराई से जानकारी मिलती है, जिससे आपके ब्लॉग की Authority और Credibility बढ़ती है। साथ ही, सर्च इंजन भी आपके ब्लॉग को एक उपयोगी और जानकारीपूर्ण संसाधन के रूप में देखता है।
संक्षेप में कहें तो Internal Linking आपकी वेबसाइट के लिए Win-Win रणनीति है। यह User Experience सुधारती है, रीडर्स को ज्यादा समय तक आपकी साइट पर बनाए रखती है और सर्च इंजन को यह संकेत देती है कि आपका कंटेंट उपयोगी और भरोसेमंद है।
यही कारण है कि सही और स्ट्रैटेजिक इंटरनल लिंकिंग आपके ब्लॉग को Google में बेहतर रैंक दिलाने में अहम भूमिका निभाती है।
Internal Linking, SEO के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
Internal Linking सिर्फ यूजर्स के लिए ही नहीं, बल्कि Search Engine Optimization (SEO) के लिए भी बेहद जरूरी होती है।
यह सर्च इंजन क्रॉलर्स को आपकी वेबसाइट के पेज समझने, क्रॉल करने और इंडेक्स करने में मदद करती है, साथ ही आर्टिकल्स की रैंकिंग सुधारने में भी अहम भूमिका निभाती है।
सही तरीके से की गई इंटरनल लिंकिंग से आपके ब्लॉग का एक मजबूत Website Architecture तैयार होता है, जिसे सर्च इंजन आसानी से समझ पाते हैं।
इसी वजह से इंटरनल लिंकिंग को SEO का एक अनिवार्य हिस्सा माना जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि Internal Linking SEO के लिए क्यों इतनी जरूरी है।
#1 – Google को नए पेज क्रॉल करने में आसानी
SEO के लिहाज से यह माना जाता है कि आपकी वेबसाइट का कोई भी पेज होमपेज से तीन क्लिक या उससे कम दूरी पर होना चाहिए। अगर किसी पेज पर कोई इंटरनल लिंक मौजूद नहीं है, तो Google के क्रॉलर उस पेज तक पहुंच ही नहीं पाते।
ऐसे पेज जिन्हें क्रॉलर नहीं खोज पाते, वे क्रॉल और इंडेक्स नहीं हो पाते, और इसका सीधा असर उनकी रैंकिंग पर पड़ता है। इसलिए, जिन वेब पेजों को आप Google में रैंक कराना चाहते हैं, उन्हें इंटरनल लिंकिंग के जरिए सर्च इंजन क्रॉलर्स के लिए आसानी से एक्सेसिबल बनाना बेहद जरूरी है।
#2 – Relevance और Context के मजबूत संकेत
Google इंटरनल लिंक के Anchor Text की मदद से यह समझता है कि लिंक किया गया पेज किस विषय से संबंधित है। Anchor Text सर्च इंजन को पेज का Context और Relevance समझाने में अहम भूमिका निभाता है।
अगर Anchor Text और लिंक किए गए पेज का कंटेंट आपस में मेल नहीं खाता, तो Google उस पेज पर भरोसा कम करता है और संबंधित कीवर्ड्स के लिए उसे SERPs में प्रमोट करने की संभावना घट जाती है।
वहीं, जब आप सही और रिलेवेंट कीवर्ड्स के साथ Anchor Text का उपयोग करते हैं, तो इससे Google को यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि लिंक किया गया पेज किस टॉपिक पर है।
यही कारण है कि इंटरनल लिंक बनाते समय सही Anchor Text का चयन करना SEO के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।
#3 – PageRank को सही तरीके से Distribute करता है
Internal Linking आपके ब्लॉग पर PageRank या Link Equity को सही तरीके से डिस्ट्रीब्यूट करने में मदद करती है। PageRank किसी वेब पेज की लोकप्रियता और महत्व को दर्शाता है, जिसे उस पेज पर आने वाले लिंक और लिंक देने वाले पेजों की गुणवत्ता के आधार पर मापा जाता है।
जब एक पेज दूसरे पेज से इंटरनल लिंक के जरिए जुड़ता है, तो वह अपने PageRank का एक हिस्सा उस पेज को ट्रांसफर करता है। Google अपने रैंकिंग एल्गोरिदम में PageRank को अब भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर मानता है।
जिस पेज को ज्यादा और सही तरीके से इंटरनल लिंक मिलते हैं, उसके पास ज्यादा PageRank होता है, और ऐसे पेज के SERPs में हाई रैंक हासिल करने की संभावना भी ज्यादा होती है।
संक्षेप में कहा जाए, तो Internal Linking SEO की रीढ़ है। यह Google को नए पेज खोजने में मदद करती है, कंटेंट की Relevance और Context स्पष्ट करती है और PageRank को पूरे ब्लॉग में समान रूप से फैलाती है।
अगर आप चाहते हैं कि आपका ब्लॉग तेजी से इंडेक्स हो, बेहतर रैंक करे और लंबे समय तक SEO में मजबूत बना रहे, तो स्ट्रैटेजिक इंटरनल लिंकिंग को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
Internal Linking कैसे करें?
बहुत-से नए ब्लॉगर Internal Linking करते समय छोटी-छोटी गलतियाँ कर देते हैं, जिसकी वजह से उनका ब्लॉग सर्च इंजन में अच्छी रैंक हासिल नहीं कर पाता।
जबकि सही रणनीति के साथ की गई इंटरनल लिंकिंग आपके ब्लॉग की SEO वैल्यू, यूजर एक्सपीरियंस और रैंकिंग—तीनों को बेहतर बना सकती है।
नीचे हम आपको Internal Linking करने के सबसे असरदार और SEO-Friendly तरीके बता रहे हैं। अगर आप इन टिप्स को अपने ब्लॉग में सही तरह से फॉलो करते हैं, तो आपको इंटरनल लिंकिंग का पूरा लाभ मिलेगा।
#1 – Keyword-Related Anchor Text का उपयोग करें
अगर आप इंटरनल लिंकिंग से अधिकतम फायदा चाहते हैं, तो हमेशा कीवर्ड से संबंधित Anchor Text का ही उपयोग करें।
आदर्श रूप से, आपका Anchor Text उस पेज के कंटेंट को साफ-साफ डिस्क्राइब करना चाहिए, जिस पेज पर आप लिंक दे रहे हैं।
अगर आप चाहते हैं कि लिंक किया गया पेज किसी Specific Keyword के लिए रैंक करे, तो वहां Exact या Partial Match Anchor Text का उपयोग करना ज्यादा प्रभावी होता है।
#2 – DoFollow Internal Links बनाएं
SEO और PageRank बढ़ाने के लिए आपके Internal Links का DoFollow होना जरूरी है। DoFollow एक सर्च इंजन निर्देश होता है, जो Google Crawlers को यह बताता है कि वे उस लिंक को फॉलो करें और इंडेक्स करें।
DoFollow इंटरनल लिंक न सिर्फ पेज को क्रॉल करवाते हैं, बल्कि Link Juice पास करके दूसरे पेज की रैंकिंग मजबूत करने में भी मदद करते हैं।
#3 – हमेशा Relevant Page या Post को लिंक करें
Internal Linking करते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि आप सिर्फ Relevant Pages या Posts को ही लिंक करें। इससे यूजर्स के उस लिंक पर क्लिक करने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
उदाहरण के लिए, अगर कोई यूजर आपके ब्लॉग पर “ऑनलाइन पैसे कैसे कमाएं” से जुड़ा आर्टिकल पढ़ रहा है और आपने वहीं ब्लॉगिंग टिप्स का लिंक दे दिया, तो संभव है कि यूजर उस लिंक पर क्लिक न करे।
वहीं अगर आप उसी आर्टिकल में ऑनलाइन कमाई से जुड़े दूसरे आर्टिकल्स को लिंक करते हैं, तो यूजर के उन्हें पढ़ने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
इसी वजह से Single या Micro Niche ब्लॉग में इंटरनल लिंकिंग करना Multi-Niche ब्लॉग की तुलना में ज्यादा आसान और प्रभावी होता है।
#4 – नए और पुराने Posts को आपस में Link करें
जब भी आप कोई नई पोस्ट पब्लिश करें, तो उससे संबंधित पुरानी पोस्ट्स को जरूर लिंक करें। ऐसा न करने पर कई बार Google Crawlers पुरानी पोस्ट्स को दोबारा क्रॉल नहीं कर पाते।
नई और पुरानी पोस्ट्स को आपस में इंटरनल लिंकिंग से जोड़ने से:
- Crawling बेहतर होती है
- Old Posts की वैल्यू बनी रहती है
- नई पोस्ट को जल्दी रैंक मिलने में मदद मिलती है
#5 – Broken Internal Links को तुरंत Fix करें
समय के साथ जब आप नए आर्टिकल जोड़ते हैं, पुराने आर्टिकल अपडेट करते हैं या URL बदलते हैं, तो आपकी वेबसाइट पर Broken Internal Links बन सकते हैं।
Broken Links न सिर्फ यूजर एक्सपीरियंस खराब करते हैं, बल्कि SEO को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप समय-समय पर Link Maintenance करें और सभी टूटे हुए इंटरनल लिंक्स को जल्दी से खोजकर फिक्स करें।
#6 – Internal Links को Same Tab में खोलें
जब यूजर आपके इंटरनल लिंक पर क्लिक करे, तो वह लिंक उसी टैब में खुले, जिसमें वह पहले से मौजूद है। इससे यूजर को बैक बटन के जरिए पहले वाले पेज पर लौटना आसान होता है और User Experience बेहतर रहता है।
अगर इंटरनल लिंक नई टैब में खुलते हैं, तो इससे कई बार Bounce Rate बढ़ सकता है। इसलिए हमेशा इंटरनल लिंक्स को Same Tab में Open करें।
#7 – एक आर्टिकल में Limited Internal Links का उपयोग करें
एक आर्टिकल में बहुत ज्यादा इंटरनल लिंक लगाने से यूजर कंफ्यूज हो सकता है, जिससे उसका अनुभव खराब हो जाता है।
SEO के लिहाज से Pillar Post में लगभग 30–40 Internal Links, छोटी पोस्ट्स में 10–15 Internal Links का उपयोग पर्याप्त माना जाता है। Quality और Relevance पर ध्यान दें, न कि सिर्फ लिंक की संख्या पर।
अगर आप ऊपर बताए गए तरीकों से Internal Linking करते हैं, तो आपका ब्लॉग न सिर्फ यूजर्स के लिए ज्यादा उपयोगी बनेगा, बल्कि सर्च इंजन में भी बेहतर तरीके से क्रॉल, इंडेक्स और रैंक होगा।
सही Anchor Text, Relevant Links और Proper Structure के साथ की गई इंटरनल लिंकिंग आपके ब्लॉग की SEO ग्रोथ को नई ऊंचाई तक ले जा सकती है।
Internal Linking के फायदे
Internal Linking SEO के नजरिए से आपके ब्लॉग या वेबसाइट के लिए एक बेहद शक्तिशाली रणनीति है। सही तरीके से की गई इंटरनल लिंकिंग न सिर्फ सर्च इंजन को आपके कंटेंट को बेहतर तरीके से समझने में मदद करती है, बल्कि यूजर्स के लिए भी आपकी वेबसाइट को ज्यादा उपयोगी और आसान बनाती है।
आइए विस्तार से जानते हैं कि Internal Linking के मुख्य फायदे क्या हैं और यह SEO में कैसे मदद करती है।
1. ब्लॉग का Bounce Rate कम होता है
जब आप अपने आर्टिकल्स में संबंधित (Relevant) इंटरनल लिंक जोड़ते हैं, तो यूजर्स एक पेज से दूसरे पेज पर जाते हैं। इससे वे आपकी वेबसाइट पर ज्यादा समय तक बने रहते हैं, जिसके कारण Bounce Rate कम होता है। कम Bounce Rate Google को यह संकेत देता है कि आपका कंटेंट उपयोगी है।
2. ब्लॉग की Ranking Improve होती है
Internal Linking के जरिए एक पेज से दूसरे पेज में Link Juice पास होता है। इससे आपके महत्वपूर्ण पेज और कीवर्ड्स को SEO पावर मिलती है और उनके Google SERPs में रैंक होने की संभावना बढ़ जाती है। यही कारण है कि इंटरनल लिंकिंग को On Page SEO का अहम हिस्सा माना जाता है।
3. Page Views बढ़ाने में मदद करती है
जब यूजर्स को एक ही आर्टिकल में उससे जुड़े दूसरे उपयोगी लेखों के लिंक मिलते हैं, तो वे उन पर क्लिक करते हैं। इससे आपके ब्लॉग के Page Views बढ़ते हैं, जो वेबसाइट की ओवरऑल परफॉर्मेंस के लिए बहुत जरूरी है।
4. Blog Fast Index होने में मदद करता है
सही इंटरनल लिंकिंग से आपके ब्लॉग का एक स्ट्रक्चर्ड आर्किटेक्चर बनता है, जिसमें सभी आर्टिकल आपस में जुड़े होते हैं। इससे सर्च इंजन क्रॉलर आपके नए और पुराने पेजों को आसानी से और जल्दी क्रॉल व इंडेक्स कर पाते हैं।
5. On Page SEO मजबूत होता है
Internal Linking आपके ब्लॉग के On Page SEO को मजबूत बनाती है। सही Anchor Text, Relevant Links और बेहतर कंटेंट स्ट्रक्चर की वजह से Google को आपके पेज का Context और Relevance साफ-साफ समझ में आता है।
6. Organic Traffic बढ़ाने में सहायक
जब आपके पेज बेहतर तरीके से इंडेक्स होते हैं और उनकी रैंकिंग सुधरती है, तो इसका सीधा असर Organic Traffic पर पड़ता है। इंटरनल लिंकिंग की मदद से आपका ब्लॉग ज्यादा कीवर्ड्स पर रैंक करने लगता है, जिससे लॉन्ग-टर्म में ट्रैफिक लगातार बढ़ता है।
संक्षेप में कहा जाए, तो Internal Linking आपके ब्लॉग की SEO ग्रोथ की नींव है। यह Bounce Rate कम करती है, Page Views और Ranking बढ़ाती है, Fast Indexing में मदद करती है और Organic Traffic को मजबूत बनाती है।
अगर आप चाहते हैं कि आपका ब्लॉग Google में स्थायी रूप से बेहतर रैंक करे, तो सही और स्ट्रैटेजिक इंटरनल लिंकिंग को जरूर अपनाएं।
Blog में Internal Linking कैसे करें?
अगर आपने यहाँ तक इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़ा है, तो अब आपको Internal Linking क्या है और यह क्यों जरूरी है—यह पूरी तरह समझ आ चुका होगा।
अब अगला सवाल यही आता है कि अपने ब्लॉग में इंटरनल लिंकिंग सही तरीके से कैसे करें?
इस सेक्शन में हम आपको Blogger और WordPress—दोनों प्लेटफॉर्म पर आसान और SEO-Friendly तरीके से Internal Linking करने की पूरी प्रक्रिया स्टेप-बाय-स्टेप बताएंगे, ताकि कोई भी नया ब्लॉगर भी इसे आसानी से फॉलो कर सके।
Blogger में Internal Linking कैसे करें?
अगर आप Blogger प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं, तो इंटरनल लिंकिंग करना काफी आसान है। नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
- सबसे पहले उस Text या Keyword को Select करें, जिस पर आप इंटरनल लिंक लगाना चाहते हैं।
- अब ऊपर दिए गए Link Icon (🔗) पर क्लिक करें।
- इसके बाद अपने उसी ब्लॉग के Related Article का URL यहाँ Paste करें।
- ध्यान रखें कि लिंक किया गया आर्टिकल Same Tab में Open हो (नई टैब में नहीं)।
- अंत में Apply बटन पर क्लिक करें।
इतना करते ही आपके Blogger पोस्ट में Internal Link Successfully Create हो जाएगा।
WordPress में Internal Linking कैसे करें?
WordPress में इंटरनल लिंकिंग और भी ज्यादा आसान और एडवांस तरीके से की जा सकती है। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स अपनाएं:
- जिस Text या Keyword पर इंटरनल लिंक बनाना है, उसे Select करें।
- अब ऊपर दिख रहे Link Icon पर क्लिक करें।
- यहाँ आप चाहें तो URL Paste कर सकते हैं या फिर उसी WordPress पोस्ट को Search करके Select कर सकते हैं।
- नीचे दिए गए विकल्पों में से अपनी जरूरत के अनुसार सेटिंग चुनें (जैसे Same Tab में Open करना)।
- लिंक Apply होते ही आपकी Internal Linking Complete हो जाती है।
WordPress का यह फीचर SEO के लिए बहुत उपयोगी है क्योंकि इससे आप जल्दी और सही तरीके से Relevant Pages को आपस में लिंक कर सकते हैं।
चाहे आप Blogger इस्तेमाल करें या WordPress—दोनों में Internal Linking करना आसान और SEO के लिए बेहद फायदेमंद है।
सही Anchor Text, Relevant Pages और Proper Linking Structure के साथ की गई इंटरनल लिंकिंग से आपका ब्लॉग Google में जल्दी Index होगा, Page Views और User Engagement बढ़ेगा, On Page SEO मजबूत होगा और Organic Traffic में लगातार Growth देखने को मिलेगी
अगर आप चाहते हैं कि आपका ब्लॉग लंबे समय तक Google में Rank करे, तो Internal Linking को कभी भी नजरअंदाज न करें।
निष्कर्ष – Internal Linking Kya Hai
Internal Linking कोई जटिल या “टेक्निकल जादू” नहीं है, बल्कि यह SEO की एक मजबूत और भरोसेमंद नींव है। जब आप सही रणनीति के साथ अपने ब्लॉग के पेजों को आपस में इंटरनल लिंकिंग के जरिए जोड़ते हैं,
तो इससे आपकी वेबसाइट की Google Ranking बेहतर होती है, Organic Traffic बढ़ता है और User Experience में भी बड़ा सुधार देखने को मिलता है।
सही Anchor Text, Relevant Pages और संतुलित लिंक स्ट्रक्चर के साथ की गई Internal Linking सर्च इंजन को यह स्पष्ट संकेत देती है कि आपका कंटेंट उपयोगी, सुव्यवस्थित और भरोसेमंद है। यही वजह है कि इंटरनल लिंकिंग को On Page SEO का सबसे जरूरी हिस्सा माना जाता है।
अगर आपको इस लेख से थोड़ी-सी भी मदद मिली हो या आपने कुछ नया सीखा हो, तो इसे अपने मित्रों और सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें, ताकि और लोग भी इसका लाभ उठा सकें।
और अगर आप ब्लॉगिंग सीखकर ऑनलाइन पैसे कमाना चाहते हैं, तो यह ब्लॉग आपके लिए आगे भी जानकारीपूर्ण और फायदेमंद कंटेंट लेकर आता रहेगा।
FAQ – Internal Linking Kya Hai (SEO Friendly Q&A)
इंटरनल लिंकिंग से जुड़े कई सवाल ऐसे हैं, जिन्हें लोग अक्सर Google पर सर्च करते हैं। नीचे दिए गए Frequently Asked Questions (FAQ) आपको Internal Linking को और बेहतर तरीके से समझने में मदद करेंगे।
Q1. एक ब्लॉग पोस्ट में कितने Internal Links शामिल करने चाहिए?
इसका कोई सख्त नियम तय नहीं है, लेकिन SEO के लिहाज से हर 1,000–2,000 शब्दों के आर्टिकल में लगभग 5 से 10 Internal Links लगाना एक अच्छा और संतुलित तरीका माना जाता है।
ध्यान रखें कि जरूरत से ज्यादा लिंक लगाने से User Experience खराब हो सकता है। साथ ही, बहुत अधिक लिंक वाले पेज को Google सही तरीके से क्रॉल नहीं कर पाता। इसलिए हमेशा Quality और Relevance पर ध्यान दें, न कि सिर्फ लिंक की संख्या पर।
Q2. क्या अधिक या कम ट्रैफिक वाले पेजों पर Internal Linking करनी चाहिए?
जी हाँ, दोनों तरह के पेजों पर इंटरनल लिंक जोड़ना जरूरी होता है।
- High Traffic Pages से Low Traffic या नए पेजों की ओर लिंक देने से उन्हें SEO पावर मिलती है।
- Low Traffic Pages पर सही इंटरनल लिंक लगाने से उनकी Visibility और Ranking बेहतर होती है।
इस तरह इंटरनल लिंकिंग आपके पूरे ब्लॉग में SEO वैल्यू को समान रूप से फैलाने में मदद करती है।
Q3. Internal Linking का उदाहरण क्या है?
जब आप अपने ब्लॉग के किसी एक पेज से उसी ब्लॉग के किसी दूसरे पेज का लिंक देते हैं, तो उसे Internal Linking कहा जाता है।
उदाहरण के लिए, अगर आपने “SEO क्या है” नाम का एक आर्टिकल लिखा है और उसमें आपने अपने ही ब्लॉग के “On Page SEO” वाले आर्टिकल का लिंक जोड़ा है, तो यह Internal Link कहलाता है। यह लिंक आमतौर पर Hyperlink के रूप में दिखाई देता है।
Q4. क्या Internal Links और Backlinks एक जैसे होते हैं?
नहीं, Internal Links और Backlinks बिल्कुल अलग होते हैं।
- Internal Links आपके अपने ब्लॉग या वेबसाइट के एक पेज को उसी डोमेन के दूसरे पेज से जोड़ते हैं।
- Backlinks वे लिंक होते हैं, जो किसी दूसरी वेबसाइट से आपके डोमेन की ओर आते हैं।
दोनों ही SEO के लिए जरूरी हैं, लेकिन उनका उपयोग और उद्देश्य अलग-अलग होता है।